Flood in Punjab: पंजाब में बाढ़ के बिगड़े हालात, कैबिनेट मंत्री व विधायकों ने राहत कार्यों की खुद कमान संभाली

पंजाब में बाढ़ के बिगड़े हालात, कैबिनेट मंत्री व विधायकों ने राहत कार्यों की खुद कमान संभाली

Flood situation worsens in Punjab

Flood situation worsens in Punjab, Cabinet ministers and MLAs themselves take


Flood in Punjab: पंजाब में हुई भारी बारिश के कारण उत्पन्न बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार युद्ध स्तर पर राहत कार्य चला रही है। पंजाब के कैबिनेट मंत्री, स्थानीय विधायक विभिन्न बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाकर ज़िला प्रशासन और लोगों की अगुवाई व मदद कर रहे हैं। इस दौरान ज़रूरतमंद लोगों को खाद्य सामग्री, पशुओं के लिए चारा, दवाइयाँ आदि राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

वन मंत्री लाल चंद कटारूचक ने आज विधानसभा क्षेत्र भोआ के बमियाल और नरोट जैमल सिंह गाँवों का दौरा किया। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार उनके साथ है और हर स्थिति में उनका सहारा बनेगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान हुए नुक़सान का मुआवज़ा पंजाब सरकार देगी। जिनके घर और फ़सलों का नुक़सान हुआ है, उनकी जल्द गिरदावरी करवाकर सर्वे किया जाएगा और बनती सहायता राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी।

Amritsar

राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने आज सुल्तानपुर लोधी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने गाँव कमवाल और बागूवाल में जाकर लोगों की समस्याएँ सुनीं और प्रभावित लोगों को बारिश से बचने के लिए तिरपालें, मच्छरदानियाँ, राशन सामग्री और अन्य ज़रूरी सामान बाँटे।

पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने मेयर, चेयरमैन और अन्य नेताओं की मौजूदगी में ज़िला प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए राहत सामग्री से भरे ट्रक रवाना किए।

कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने तरनतारन के नज़दीकी बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाकर लोगों की अगुवाई की और वहीं पर राहत सामग्री बाँटी और कहा कि पंजाब सरकार लोगों के साथ खड़ी है और लोगों के हुये नुक़सान की गिरदावरी करवाकर जल्द ही बनती राशि जारी की जायेगी।

Pathnkot

पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने फ़ाज़िल्का हल्के के बाढ़ प्रभावित गाँव गुलाबा भैणी और आसपास की ढाणियों का दौरा कर प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री बाँटी। उन्होंने खन्ना से फ़ाज़िल्का ज़िले के बाढ़ प्रभावित गाँवों में पशुधन की मदद के लिए फ़ीड से भरा ट्रक भी भेजा। इससे पहले उन्होंने ज़िला प्रशासन से स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट ली और निर्देश दिए कि प्रभावित इलाकों के लोगों तक हर प्रकार की सरकारी मदद सुचारु रूप से पहुँचाई जाए।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के तहत ज़िला प्रशासन श्री मुक्तसर साहिब ने विभिन्न विभागों के सहयोग से बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री पहुँचाने के उद्देश्य से आज ज़िला प्रशासनिक परिसर से दो ट्रक रवाना किए। इन ट्रकों को हल्का विधायक जगदीप सिंह काका बराड़ ने हरी झंडी दिखाई। इनमें लगभग 1000 राशन किटें थीं जिन्हें फ़ाज़िल्का ज़िले के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए भेजा गया। इन किटों में आटा, चाय, चीनी, दाल, खाने का तेल और अन्य ज़रूरी सामान शामिल है।

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ज़िला प्रशासन अमृतसर ने रेड क्रॉस की मदद से बाढ़ पीड़ितों में 45000 पानी की बोतलें और 17000 से अधिक फ़ूड पैकेट बाँटे। इसके अलावा पशुपालन विभाग ने पंजाब एग्रो की मदद से 100 क्विंटल सूखा चारा और 50-50 किलो के 850 बैग फ़ीड भी पशुओं के लिए वितरित किए। पशुपालन विभाग ने विभिन्न स्थानों पर वेटनरी डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई है जो पशुओं का मुफ़्त इलाज कर रहे हैं। ज़िला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए अजनाला में 3 राहत केंद्र स्थापित किए हैं, जिनमें लगभग 3000 लोगों के रहने और खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिये मेडिकल टीमों, एम्बुलेंस और दवाइयों की व्यवस्था भी की है।

ज़िला प्रशासन मानसा ने 163 व्यक्तियों को खतरीवाला गाँव, बुढलाडा स्थित राहत केंद्र में ठहराया है। पशुपालन विभाग ने पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की है और स्वास्थ्य विभाग ने दवाइयों आदि का इंतज़ाम किया है।

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ज़िला बरनाला के विधायक लाभ सिंह उगोके की अगुवाई में 1000 राशन किटें ज़िला फ़िरोज़पुर के लिए रवाना की गईं। वहीं, गाँव वजीदके खुर्द में कच्चे घर ज़्यादा होने के कारण अस्थायी राहत कैंप की व्यवस्था गाँव की धर्मशाला में की गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 6 रैपिड रिस्पांस टीम (2-2 टीमें बरनाला, तपा, धनौला, महल कलां, भदौड़ और 2 मोबाइल टीमें बरनाला व धनौला) तैनात की गयी हैं।

ज़िला कपूरथला में 240 परिवारों को पानी से बाहर निकाला गया और 1250 राशन किटें बाँटी गईं। इस अवसर पर पशुओं के लिए 600 क्विंटल साइलज, 300 क्विंटल फ़ीड आदि की व्यवस्था की गई। ज़िले में 4 राहत कैंप चल रहे हैं। यहाँ 8 मेडिकल टीमों ने 1379 लोगों की स्वास्थ्य जांच की है और 4 एम्बुलेंसें आपात स्थिति के लिए तैनात की गई हैं।